CLASS- 6 SCIENCE (जिज्ञासा)


 CHAPTER- 11 प्रकृति की अमूल्य संपदा 

NOTES


1. वायु- पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित वायु विभिन्न गैसों का मिश्रण है। वायु में नाइट्रोजन, आक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और सूक्ष्म मात्रा में अन्य गैसें उपस्थित होती है। 

  • चलती हुई वायु को पवन कहते हैं। कभी-कभी यह बहुत गति से चलती हैं जैसे आंधी के समय या कभी-कभी यह धीमी गति से चलती हैं जैसे बयार (मंद पवन) 
2. पवनचक्की- पवनचक्की फार्म वह क्षेत्र है, जिसमें अनेक पवनचक्कियां पवन-ऊर्जा द्वारा विद्युत उत्पादन करती है। 

3. जल- हमें अपने दैनिक जीवन में अनेक कार्यों के लिए जल की आवश्यकता होती हैं। जैसे- खाना बनाने, नहाने, फसल उगाने आदि। 
  • पृथ्वी की सतह का लगभग दो-तिहाई भाग जल से घिरा हुआ है। अधिकांश जल महासागरों एवं समुद्रों में पाया जाता है। यह जल नमकीन होता है। 
4. मृदु जल के स्त्रोत सीमित होने के कारण भारत के अनेक भागों में जल की कमी है। कुछ स्थानों पर लोगों को पीने का पानी लाने के लिए बहुत दूर तक चलना पड़ता है। 

5. वर्षा जल संचयन- जल संरक्षण के लिए जल संचयन एक विधि है। बहुत से भवनों में वर्षा के जल को बाद में उपयोग करने के लिए बड़ी मात्रा में एकत्रित एवं संग्रहित किया जाता है, इसे वर्षा जल संचयन कहा जाता है। 
  • उदाहरण के लिए राजस्थान एवं गुजरात में पानी की कमी के कारण जल संचयन के लिए बावड़ी एवं वाव बनाए गए।
6. हम विभिन्न कार्यों के लिए सूर्य की ऊष्मा (गरमी) और प्रकाश का उपयोग करते हैं। 
  • सूर्य का प्रकाश पौधों को भोजन तैयार करने में सहायता करता है। सूर्य पृथ्वी पर सभी सजीवों को ऊष्मा (गरमी) और प्रकाश प्रदान करता है। यह ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। पृथ्वी पर सूर्य ही ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। 
  • सौर पैनल सौर-ऊर्जा को एकत्रित कर विद्युत उत्पादन करते हैं। 
7. वन- पक्षियों और कीटों सहित कई जंगली जंतुओं के लिए वन एक प्राकृतिक आवास भी है। 
  • बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई जैसी मानवीय गतिविधियों के कारण वन क्षेत्र लगातार कम हो रहे हैं। 
  • वन महोत्सव पूरे देश में जुलाई महीने में मनाया जाता है। यह एक सप्ताह तक चलने वाला कार्यक्रम है। इस उत्सव के दौरान नये पौधे और पेड़ लगाए जाते हैं और वनों का सम्मान करने के लिए जागरूकता पैदा की जाती है। 
8. मृदा- मृदा में बहुत सी वस्तुएं होती है, जैसे- रेत, कीड़े और कृमि। इसमें कई छोटे जीव भी हो सकते हैं, जिन्हें हम अपनी नग्न आंखों से नहीं देख सकते। 
  • मृदा का निर्माण लंबे समय (कई हजारों वर्षों) में सूर्य, जल और सजीवों द्वारा चट्टानों के विघटन से होता है। 
  • मृदा एक अमूल्य संपदा है जो जैव-विविधता को आश्रय देती है। 
9. चट्टान- चट्टानों का उपयोग घर, भवन, मंदिर, सड़क, बांध और मेज के ऊपरी भाग आदि के निर्माण में किया जाता है। 
  • चट्टानें खनिजों से बनी होती हैं। 
  • एलुमिनियम, सोना, तांबा और लोहे जैसी महत्वपूर्ण धातुएं खनिजों से प्राप्त की जाती है। खनिजों का उपयोग वायुयान, कार, आभूषण, प्रसाधन, विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। 
  • परिवहन के लिए हम जिन वाहनों का उपयोग करते हैं उनमें से अधिकांश वाहन जीवाश्म ईंधन का उपयोग करते हैं। 
10. जीवाश्म ईंधन- प्राकृतिक गैस, कोयलें और पेट्रोलियम को आमतौर पर जीवाश्म ईंधन कहा जाता है। वे मूलतः पृथ्वी के भीतर सूक्ष्म जीवों और पौधों के दब जाने से पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कोयलें में परिवर्तित हो जातें हैं। इन ईंधनों को बनने में लाखों वर्ष लग जाते हैं। 
  • जीवाश्म ईंधन सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं। 
  • जीवाश्म ईंधन के जलाए जाने पर धुआं और कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है जो वायु को प्रदूषित करते हैं। 
11. प्राकृतिक संसाधन- वे संसाधन जिन्हें हम प्रकृति से प्राप्त करते हैं, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं। उदाहरण- प्रकाश, नदियों से जल आदि। 

12. मानव-निर्मित संसाधन- विद्युत बल्ब, फर्नीचर, साइकिल आदि हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं। इस प्रकार के सभी संसाधन जिन्हें मानव द्वारा निर्मित किया जाता है, उन्हें मानव-निर्मित संसाधन कहते हैं। 

13. नवीकरणीय संसाधन- संसाधन जिनका उचित समयावधि के भीतर नवीनीकृत, पुनः पूर्ति अथवा पुनर्स्थापन हो, उन्हें नवीकरणीय संसाधन कहते हैं। उदाहरण- वायु, जल और वन। 

14. अनवीकरणीय संसाधन- ये उचित समयावधि के भीतर उत्पन्न नहीं होते हैं और न ही इनकी पुनः पूर्ति होती है। इन संसाधनों को अनवीकरणीय संसाधन कहते हैं। उदाहरण- खनिज, मृदा, कोयला आदि। 

15. जल, वायु, मृदा तथा पौधों और जंतुओं से भोजन ये सभी संसाधन हमें प्रकृति से मिलते हैं और हम अपने उपभोग के लिए इन संसाधनों से वस्तुएं बनाते हैं। 
  • हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना चाहिए और उनका अपव्यय न करते हुए दायित्वपूर्वक उपयोग करना चाहिए। इस प्रकार पर्यावरण को हानि पहुंचाए बिना हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं और भविष्य के लिए भी इन्हें बचा सकते हैं। 

आइए, और अधिक सीखें 


प्रश्न- 1 चित्र 11.9 में प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित वस्तुओं को दर्शाया गया है। उन्हें उनके अव्यवस्थित नामों से मिलाइए। एक अन्य तालिका बनाइए और इन संसाधनों के नाम लिखिए। इन संसाधनों को नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों के रूप में वर्गीकृत कीजिए। 
उत्तर- 

प्रश्न- 2. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य? यदि असत्य है, तो उन्हें सही कर के पुनः लिखिए- 
(क) प्रकृति में मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। ( ) 
(ख) मशीन प्रकृति में पाया जाने वाला एक संसाधन हैं। ( ) 
(ग) प्राकृतिक गैस एक अनवीकरणीय संसाधन हैं। ( ) 
(घ) वायु एक नवीकरणीय संसाधन हैं। ( ) 
उत्तर- (क) प्रकृति में मानव की आवश्यकताओं को पूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। (✓) 
(ख) मशीन प्रकृति में पाया जाने वाला एक संसाधन हैं। (×) 
मशीन एक मानव-निर्मित संसाधन हैं न कि प्रकृति में पाया जाने वाला संसाधन। 
(ग) प्राकृतिक गैस एक अनवीकरणीय संसाधन हैं। (✓) 
(घ) वायु एक नवीकरणीय संसाधन हैं। (✓) 

प्रश्न- 3. सबसे उपयुक्त विकल्प का उपयोग करके रिक्त स्थान भरें। 
3.1 ईंधन जो सामान्यतः स्कूटर या बाइक जैसे दोपहिया वाहनों में उपयोग किया जाता है_____
(क) मिट्टी का तेल (ख) पेट्रोल (ग) डीजल (घ) सी. एन. जी. 
3.2 नवीकरणीय संसाधन का एक उदाहरण है_______
(क) कोयला (ख) जल (ग) प्राकृतिक गैस (घ) पेट्रोल 
उत्तर- 3.1 (ख) पेट्रोल, 3.2 (ख) जल

प्रश्न- 4. निम्नलिखित को नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों के रूप में वर्गीकृत करें- 
कोयला, प्राकृतिक गैस, वन और खनिज। 
उत्तर- नवीकरणीय संसाधन- वन 
अनवीकरणीय संसाधन- कोयला, प्राकृतिक गैस और खनिज। 

प्रश्न- 5. हम यह क्यों कहते हैं कि पेट्रोलियम एक अनवीकरणीय संसाधन हैं? 
उत्तर- हम पेट्रोलियम को अनवीकरणीय संसाधन इसलिए कहते हैं क्योंकि यह लाखों वर्षों में पृथ्वी के अंदर जमी हुई जैविक सामग्री के दाब और तापमान के प्रभाव से बनता है। इसका एक बार प्रयोग करने के बाद इसे पुनः उत्पन्न करना असंभव है और इसके भंडार सीमित होते हैं। यही कारण है कि जब हम इसका एक बार उपयोग कर लेते हैं, तो यह समाप्त हो जाता है और इसे फिर से उत्पन्न नहीं किया जा सकता। 

प्रश्न- 6. वनों को पुनः उगाना कठिन है। इस कथन की पुष्टि कीजिए। 
उत्तर- वनों को पुनः उगाना कठिन है क्योंकि एक विकसित वन में कई प्रकार के पेड़-पौधे, जानवर और अन्य घटक पाए जाते हैं जो एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। एक विकसित वन को पूर्ण रूप से उगने में कई वर्ष का समय लगता है। इसके अलावा, वनों के कटाव और जलवायु परिवर्तन के कारण उनका पुनर्निर्माण और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। 

प्रश्न- 7. पांच दैनिक गतिविधियों की सूची बनाइए जहां आप प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करते हैं। उनका उपयोग कम करने की विधियां सुझाएं। 
उत्तर- 1) पीने का पानी- पानी का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें तथा नल को उस समय बंद रखें जब इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा हों। 
2) कागज का प्रयोग- कागज का प्रयोग कम करें बल्कि डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करें। 
3) बिजली का प्रयोग- बिजली को तब बंद कर दें जब उसका उपयोग न हो साथ ही में ऊर्जा बचत उपकरणों का उपयोग करें। 
4) वाहन का प्रयोग- ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहनों का उपयोग करें और जब भी संभव हो पैदल चलें। 
5) प्लास्टिक का प्रयोग- प्लास्टिक के बजाय पुनः उपयोगी वस्तुओं का उपयोग करें। 

प्रश्न- 8. चार गतिविधियों की सूची बनाइए जो वायु की उपस्थिति में संभव है। 
उत्तर- चार गतिविधियां जो वायु की उपस्थिति में संभव है- 
1) सांस लेना या श्वसन प्रक्रिया 
2) वाष्पीकरण 
3) उड़ना जैसे पक्षी, कीड़े आदि 
4) दहन या आग 

प्रश्न- 9. आप अपने घर के आस-पास को हरित आवरण से समृद्ध बनाने के लिए किस प्रकार योगदान देंगे? ऐसे कार्यों की सूची बनाएं। 
उत्तर- हम निम्नलिखित कार्यों के माध्यम से योगदान दे सकते हैं- 
1) अपने घर के आस-पास पेड़-पौधे लगाकर। 
2) स्थानीय वृक्षारोपण अभियानों में भाग लेकर अधिक से अधिक पेड़ लगाना। 
3) घर में सब्जियों, फूलों का गार्डन बनाना। 
4) अपने आस-पड़ोस में लोगों को पेड़-पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर। 

प्रश्न- 10. दिये गये चित्र में हम देखते हैं कि भोजन बनाया जा रहा है। 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- 
(क) भोजन बनाने के लिए किस प्रकार की ऊर्जा का उपयोग हो रहा है? 
(ख) भोजन बनाने के लिए इस प्रकार की ऊर्जा के उपयोग का एक लाभ और एक हानि लिखिए। 
उत्तर- (क) भोजन बनाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग हो रहा है। 
(ख) ऊर्जा के उपयोग का एक लाभ और एक हानि: 
लाभ: सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय संसाधन हैं, इसका उपयोग करने से वायु प्रदूषित नहीं होता, जिससे पर्यावरण को लाभ होता है। 
हानि: सौर ऊर्जा का प्रयोग केवल सूर्य की उपस्थिति या दिन के समय में ही किया जा सकता है। रात के समय इसका प्रयोग नहीं कर सकते जिससे यह ऊर्जा स्रोत सीमित हो जाता है। 

प्रश्न- 11. बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटने से मृदा की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है। आपके अनुसार ऐसा क्यों होता है? 
उत्तर- पेड़ और पौधे मृदा को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्योंकि पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती है, जिससे मृदा का क्षरण कम हो जाता है। जब पेड़ काटे जाते हैं तो मृदा की सतह खुली हो जाती है और बारिश, हवा आदि के कारण मिट्टी का क्षरण तेजी से होता है। इस कारण मृदा की उपजाऊ परत समाप्त हो जाती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी कम हो जाती है, जिस कारण खेती और पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। 

प्रश्न- 12. दो मानवीय गतिविधियां बताइए जिनसे वायु प्रदूषित होती है। एक कार्य सुझाएं जो वायु प्रदूषण कम करने में सहायक हो। 
उत्तर- दो मानवीय गतिविधि जिनसे वायु प्रदूषित होती है- 
1) वाहनों से निकलने वाला धुआं जिसमें हानिकारक गैसें शामिल होती हैं, जो वायु को प्रदूषित करती है। 
2) उद्योगों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं जो वायु में प्रदूषण बढ़ाते हैं। 
वायु प्रदूषण कम करने में सहायक- 
हम अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकते हैं जिससे वाहनों की संख्या कम हो सकती है और वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। 

प्रश्न- 13. एक परिवार सौर पैनल बिजली उत्पादन के लिए, गैस स्टोव खाना बनाने के लिए और पवनचक्की कुएं से पानी खींचने के लिए उपयोग करता है। क्या होगा यदि एक सप्ताह तक सूर्य का प्रकाश न हो। 
उत्तर- यदि एक सप्ताह तक सूर्य का प्रकाश न हो तो सौर पैनल बिजली उत्पादन नहीं कर पाएंगे जिससे परिवार को बिजली की कमी का सामना कर पड़ सकता है लेकिन गैस स्टोव और पवनचक्की पर इसका सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। पौधों और कृषि पर भी प्रभाव पड़ेगा क्योंकि सूर्य की रोशनी के बिना पौधे प्रकाश संश्लेषण नहीं कर पाएंगे जिससे उनका विकास रूप जाएगा। सूर्य के प्रकाश की अनुपस्थिति से ऊर्जा स्रोतों और पर्यावरण दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। 

प्रश्न- 14. निम्नलिखित शब्दों का उपयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति करें- 
(जीवाश्म ईंधन, वन, वायु, पेट्रोलियम, कोयला, जल और अनवीकरणीय संसाधन) 
उत्तर- 
प्रश्न- 15. उद्योगों और आवास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पेड़ों की मांग बढ़ रही है। इसलिए लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। क्या यह उचित है? चर्चा कीजिए और एक संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार कीजिए। 
उत्तर- पेड़ों की बढ़ती मांग के चलते उनका अनियंत्रित कटाव पर्यावरणीय असंतुलन का कारण बनता है। पेड़ न केवल आक्सीजन का स्त्रोत है बल्कि वायु की गुणवत्ता, जलवायु संतुलन और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उद्योगों और आवास की जरूरतों को पूरा करना जरूरी है यह कटाव संतुलित और सतत् होना चाहिए। पुनः वनीकरण और वन संरक्षण को प्राथमिकता देकर हम मानव और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। 

प्रश्न- 16. अपने विद्यालय में पानी के उपयोग को कम करने के लिए एक योजना बनाइए। इस योजना को साकार करने के लिए आप क्या कदम उठाएंगे और इससे पर्यावरण को कैसे सहायता मिलेगी? 
उत्तर- विद्यालय में पानी के उपयोग को कम करने के लिए निम्न महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं-  
1) सभी नल और पाइपलाइनों की नियमित जांच कर रिसाव को रोका जाएगा। 
2) वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित कर जल को बचाया जा सकता है। 
3) छात्रों और शिक्षकों को जल बचाने के उपायों के प्रति जागरूक करके। 
4) विद्यालय के बागानों में कम पानी से सिंचाई वाली प्रणाली का उपयोग किया जाए। 
5) विद्यालय में स्वचालित नल लगाए जाए जो उपयोग के बाद स्वयं ही बंद हो जाते हैं। जिससे पानी की बर्बादी कम हो जाएगी।