CHAPTER- 8 प्रकाश- छायाएं एवं परावर्तन
Notes
1. प्रकाश, वस्तुओं को देखने में हमारी सहायता करता है। बिना प्रकाश के वस्तुओं को नहीं देख सकते।
2. दीप्त पिंड- जो वस्तुएं सूर्य की तरह स्वयं प्रकाश का उत्सर्जन करती है उन्हें दीप्त पिंड कहते हैं।
3. अपारदर्शी- यदि हम किसी वस्तु के आर-पार नहीं देख सकते हैं, तो वह अपारदर्शी वस्तु हैं।
4. पारदर्शी- यदि हम किसी वस्तु के आर-पार देख सकते हैं तो वह वस्तु प्रकाश को अपने अंदर से होकर जाने देती है। ऐसी वस्तु को पारदर्शी कहते हैं।
5. पारभासी- कुछ वस्तुओं से आर-पार देख तो सकते हैं परंतु बहुत स्पष्ट नहीं, ऐसी वस्तुओं को पारभासी कहते हैं।
6. किसी वस्तु अथवा पदार्थ का अपारदर्शी, पारदर्शी अथवा पारभासी होना इस पर निर्भर करता है कि वह वस्तु अपने अंदर से होकर प्रकाश को पूर्णतः आंशिक रूप से अथवा बिलकुल नहीं गुजरने देती।
7. छाया केवल परदे पर ही दिखाई दे सकती है। जमीन, कमरे की दीवार, इमारतें अथवा इस प्रकार की अन्य सतहें, आपको दैनिक जीवन में दिखाई देने वाली अनेक छायाओं के लिए परदे की तरह कार्य करती हैं।
8. हमें सूर्य को सीधे कदापि नहीं देखना चाहिए। ये हमारी आंखों के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता हैं।
9. हम दर्पण में अपने चेहरे को देखते है, जो हम देखते हैं वह दर्पण में चेहरे का परावर्तन है।
- हम दर्पण के सामने रखी हुई वस्तुओं का परावर्तन भी दर्पण में देखते हैं।
- दर्पण अपने ऊपर पड़ने वाले प्रकाश की दिशा को बदल देता है।
- प्रकाश सरल रेखा के अनुदिश गमन करता हुआ दर्पण से परावर्तित हो जाता है।
अभ्यास
प्रश्न- 1. नीचे दिए गए बाॅक्सों के अक्षरों को पुनः व्यवस्थित करके एक ऐसा वाक्य बनाइए जिससे हमें अपारदर्शी वस्तुओं के बारे में जानकारी मिलने में सहायता हो सके।
उत्तर-
प्रश्न- 2. नीचे दी गई वस्तुओं अथवा पदार्थों को अपारदर्शी, पारदर्शी अथवा पारभासी तथा दीप्त अथवा अदीप्त में वर्गीकृत कीजिए:
वायु, जल, चट्टान का टुकड़ा, एलुमिनियम शीट, दर्पण, लकड़ी का तख्ता, पाॅलीथीन शीट, CD, धुआं, समतल कांच की शीट, कुहरा, लाल तप्त लोहे का टुकड़ा, छाता, प्रकाशमान प्रतिदीप्त नलिका, दीवार, कार्बन पेपर की शीट, गैस बर्नर की ज्वाला, गत्ते की शीट, प्रकाशमान टाॅर्च, सेलोफोन शीट, तार की जाली, मिट्टी के तेल का स्टोव, सूर्य, जूगनू, चंद्रमा।
उत्तर- अपारदर्शी- चट्टान का टुकड़ा, एलुमिनियम शीट, दर्पण, लकड़ी का तख्ता, CD, लाल तप्त लोहे का टुकड़ा, छाता, दीवार, कार्बन पेपर की शीट, गत्ते की शीट, मिट्टी के तेल का स्टोव, सूर्य, जूगनू, चंद्रमा।
पारदर्शी- वायु, जल।
दीप्त- लाल तप्त लोहे का टुकड़ा, प्रकाशमान प्रतिदीप्त नलिका, गैस बर्नर की ज्वाला, प्रकाशमान टाॅर्च, सूर्य, जूगनू।
अदीप्त- वायु, जल, चट्टान का टुकड़ा, एलुमिनियम शीट, दर्पण, लकड़ी का तख्ता, पाॅलीथीन शीट, CD, धुआं, समतल कांच की शीट, कुहरा, छाता, दीवार, कार्बन पेपर की शीट, गत्ते की शीट, सेलोफेन शीट, तार की जाली, मिट्टी के तेल का स्टोव, चंद्रमा।
प्रश्न- 3. क्या आप ऐसी आकृति बनाने के बारे में सोच सकते हैं जो एक ढंग से रखे जाने पर वृत्ताकार छाया बनाए तथा दूसरे ढंग से रखे जाने पर आयताकार छाया बनाए?
उत्तर- एक बेलनाकार आकृति दो तरह छाया बना सकती हैं। जब हम शीर्ष वृत्ताकार दृश्य प्रकाश का सामना करता है, तो एक गोलाकार छाया बनती है। जब हम बेलनाकार आकृति के घुमावदार पक्ष का सामना प्रकाश से कराते हैं तो यह एक आयताकार छाया बनाती है।
प्रश्न- 4. किसी अंधेरे कमरे में यदि आप अपने चेहरे के सामने कोई दर्पण रखें तो क्या आप दर्पण में अपना परावर्तन देखेंगे?
उत्तर- नहीं, हम अंधेरे कमरे में अपने चेहरे का परावर्तन नहीं देख पायेंगे। हम केवल प्रकाश की उपस्थिति में ही परावर्तन को देख सकते हैं।