CLASS- 6 SCIENCE

 

CHAPTER- 10 चुंबकों द्वारा मनोरंजन 

Notes

1. चुंबक- जिन पदार्थों में लोहे को आकर्षित करने का गुण पाया जाता है वे चुंबक कहलाते हैं। 

2. कृत्रिम चुंबक- लोहे के टुकड़ों से चुंबक बनाने की विधि को कृत्रिम चुंबक कहते हैं। 

  • आज के समय में विभिन्न आकृतियों के कृत्रिम चुंबक बनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए छड़ चुम्बक, नाल चुबंक, बेलनाकार अथवा गोलांत चुंबक। 
3. चुंबकीय पदार्थ- जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं, वे चुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। जैसे- लोहा, निकिल एवं कोबाल्ट। 

4. अचुंबकीय पदार्थ- जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते, वे अचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। 

5. चुंबक के ध्रुव- उत्तर की ओर निर्देश करने वाले सिरे को चुंबक का उत्तरोन्मुखी सिरा अथवा उत्तरी ध्रुव कहते हैं। दूसरा सिरा दक्षिणोन्मुखी अथवा दक्षिणी ध्रुव कहलाता है। 
  • सभी चुंबकों के दो ध्रुव होते हैं चाहे उनका आकार कैसा भी हो। 
  • चुंबकों पर उत्तर (N) तथा दक्षिण (S) ध्रुवों को अंकित किया जाता है। 
6. प्राचीन काल में यात्री एक प्राकृतिक चुंबक अपने साथ ले जाते थे जिसे धागे से लटका कर दिशा-निर्धारण करते थे। 

7. कंपास- कंपास सामान्यतः कांच के ढक्कन वाली एक छोटी डिब्बी होती है। एक चुंबकित सुई डिब्बी के अंदर एक धुरी पर लगी होती है जो स्वतंत्रतापूर्वक घूमती है। 
  • कंपास में एक डायल होता है जिसपर दिशाएं अंकित होती है। 
  • इसकी सुई विरामावस्था में उत्तर-दक्षिण दिशा को निर्देशित करती है। 
8. दो चुंबकों के असमान ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं जबकि समान ध्रुवों में परस्पर प्रतिकर्षण होता है। 

अभ्यास 


प्रश्न- 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: 
(क) कृत्रिम चुंबक विभिन्न आकार के बनाए जाते हैं जैसे _______, ______ तथा _______। 
(ख) जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं वे _______ कहलाते हैं। 
(ग) कागज एक _______ पदार्थ नहीं है। 
(घ) प्राचीन काल में लोग दिशा ज्ञात करने के लिए _______ का टुकड़ा लटकाते थे। 
(ड़) चुंबक के सदैव _______ ध्रुव होते हैं। 
उत्तर- (क) कृत्रिम चुंबक विभिन्न आकार के बनाए जाते हैं जैसे छड़ चुम्बक, नाल चुबंक तथा गोलांत चुंबक। 
(ख) जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं वे चुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। 
(ग) कागज एक चुंबकीय पदार्थ नहीं है। 
(घ) प्राचीन काल में लोग दिशा ज्ञात करने के लिए छड़ चुंबक का टुकड़ा लटकाते थे। 
(ड़) चुंबक के सदैव दो ध्रुव होते हैं।

प्रश्न- 2. बताइए कि निम्न कथन सही है अथवा गलत: 
(क) बेलनाकार चुंबक में केवल एक ध्रुव होता है। 
(ख) कृत्रिम चुंबक का आविष्कार यूनान में हुआ था। 
(ग) चुंबक के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। 
(घ) लोहे का बुरादा छड़ चुंबक के समीप लाने पर इसके मध्य में अधिक चिपकता है। 
(ड़) छड़ चुंबक सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा को दर्शाता है। 
(च) किसी स्थान पर पूर्व-पश्चिम दिशा ज्ञात करने के लिए कंपास का उपयोग किया जा सकता है। 
(छ) रबड़ एक चुंबकीय पदार्थ है। 
उत्तर- (क)- गलत, (ख)- गलत, (ग)- सही, (घ)- गलत, (ड़)- सही, (च)- सही, (छ)- गलत। 

प्रश्न- 3. यह देखा गया है कि पेंसिल छीलक (शार्पनर) यद्यपि प्लास्टिक का बना होता है, फिर भी यह चुंबक के दोनों ध्रुवों से चिपकता है। उस पदार्थ का नाम बताइए जिसका उपयोग इसके किसी भाग के बनाने में किया गया है? 
उत्तर- पेंसिल छीलक (शार्पनर) में एक ब्लेड होता है जो कि लोहे से बना होता है। चूंकि लोहा एक चुंबकीय पदार्थ है यही कारण है कि यह चुंबक के ध्रुवों द्वारा आकर्षित होता है। 

प्रश्न- 4. एक चुंबक के एक ध्रुव को दूसरे चुंबक के ध्रुव के समीप लाने की विभिन्न स्थितियां काॅलम 1 में दर्शाई गई है। काॅलम 2 में प्रत्येक स्थिति के परिणाम को दर्शाया गया है। रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: 
उत्तर- 


प्रश्न- 5. चुंबक के कोई दो गुण लिखिए। 
उत्तर- चुंबक के दो गुण- 
1. चुंबक के विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करने हैं तथा समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। 
2. चुंबक हमे दिशाएं ज्ञात करने में मदद करता है। 

प्रश्न- 6. छड़ चुंबक के ध्रुव कहां स्थित होते हैं? 
उत्तर- छड़ चुंबक के ध्रुव इसके दोनों छोर बिंदुओं पर स्थित होते हैं। 

प्रश्न- 7. छड़ चुंबक पर ध्रुवों की पहचान का कोई चिन्ह नहीं है। आप कैसे ज्ञात करोगे कि किस सिरे के समीप उत्तरी ध्रुव स्थित हैं? 
उत्तर- छड़ चुंबक को एक हल्के धागे की सहायता से स्वतंत्र रूप से लटकाएं। जब चुंबक विराम की स्थिति में आती है तो वह चुंबक उत्तर-दक्षिण दिशा में होता है। 

प्रश्न- 8. आपको एक लोहे की पत्ती दी गई है। आप इसे चुंबक कैसे बनाएंगे? 
उत्तर- 1. लोहे की पत्ती और एक छड़ चुंबक लें। 
2. छड़ चुंबक का एक ध्रुव लोहे की पत्ती के एक कोने पर रखें। 
3. चुंबक को उठाए बिना पूरी लंबाई में रगड़ते हुए दूसरे कोने तक ले जाएं। 
4. चुंबक को उठाकर फिर से शुरुआत वाले कोने पर लाएं और फिर से रगड़ें। 
5. इस प्रक्रिया को लगभग 40-50 बार दोहराएं। इस प्रक्रिया से लोहे की पत्ती चुंबक बन जाऐंगी। 
6. लोहे की पत्ती के पास कुछ लोहे की वस्तुएं लाएं और जांचे कि लोहे की पत्ती चुंबक में परिवर्तित हो गया है या नहीं। 

प्रश्न- 9. दिशा निर्धारण में कंपास का किस प्रकार प्रयोग होता है? 
उत्तर- कंपास एक कांच के ढक्कन वाली एक डिब्बी होती है जिसमें एक चुंबकित सुई होती है जो एक धुरी पर लगी होती है जो स्वतंत्रतापूर्वक घूमती है। कंपास में एक डायल होता है जिसपर दिशाएं अंकित होती है। 
दिशा ज्ञात करने के लिए कंपास को उस स्थान पर रखा जाता है जहां हम दिशाओं को जानना चाहते हैं। विराम अवस्था में कंपास की सुई उत्तर दक्षिण दिशा को इंगित करती हैं। 

प्रश्न- 10. पानी के टब में तैरती एक खिलौना नाव के समीप विभिन्न दिशाओं से एक चुंबक लाया गया। प्रत्येक स्थिति में प्रेक्षित काॅलम 1 में तथा संभावित कारण काॅलम 2 में दिए गए हैं। काॅलम 1 में दिए गए कथनों का मिलान काॅलम 2 में दिए गए कथनों से कीजिए। 
उत्तर- 

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